उसने महात्मा से पूछा कि “महात्मा जी, मैने अपनी जिंदगी में खूब धन कमाया है और दान भी खूब किया है तो मुझे तो स्वर्ग मिल ही जाएगा न।” ये सुनकर महात्मा समझ गए कि उसे अपने धन पर अधिक ही घमंड है तो महात्मा जी ने उसे अपने साथ आश्रम आने को कहा। व्यक्ति जब महात्मा के साथ आश्रम पहुंचा तो महात्मा जी उसके हाथ में एक सुई थमा दी और कहा कि “तुम स्वर्ग जा ही रहे हो तो मेरा भी ये छोटा सा काम कर देना। ये सुई स्वर्ग में रख देना।” इतना सुनते ही वो व्यक्ति जोर से हंसने लगा और कहा कि “महात्मा जी, भला ये कैसे संभव है।